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मंगलवार, 16 अप्रैल 2013

सौर मंडल ४: मार्स / मंगल ग्रह


धरती से अगली कक्षा में हैं (चौथा ग्रह ) मार्स / मंगल ग्रह ।

यह धरती से मिलता जुलता है । कई अवधारणायें कहती हैं कीस पर जीवन था लेकिन बाद में यह सूर्य से दूर चला गया जिसकी वजह से जीवन समाप्त हो गया । किन्तु कोई साक्ष्य नहीं हैं । धरती की ही तरह यहाँ रेगिस्तान ज्वालामुखी पहाड़, और ध्रुवीय हिमखंड हैं ।

यह लाल ग्रह भी कहलाता है क्योंकि इसके धरातल पर लोहे की बहुतायत से यह लाल रंग का प्रतीत होता है । वायुमंडल बहुत पतला है । इस पर सौर मंडल के सभी ग्रहों में सबसे ऊंचा पहाड़ ( ओलिम्पस मोंस) और गहरी खाई ( वेल्स मेरिनारिस) हैं । उत्तरी अर्धांश में ४% हिस्सा समतल बोर्लेअस बेसिन में है - जो की किसी इम्पेक्ट से बना माना जाता है ।

इसके दो उपग्रह हैं :  फोबोस और दीमोस - जो दोनों ही गोलाकार न होकर इर्रेगुलर आकार के हैं । कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि ये क्षुद्र ग्रह थे जिन्हें मार्स ने अपने गुरुत्वाकर्षण से बाँध कर अपना उपग्रह बना लिया ।

ध्रुवीय प्रदेशों से आती रौशनी के बदलाव और रेखाओं के कारण पहले माना जाता था कि मार्स पर तरल पानी है और ये रेखाएं नदियाँ या सिंचाई की नहरें हैं । लेकिन मरिनर ४ की छवियों से ज्ञात हुआ की ये तापमान के बदलावों के चलते बने दृष्टिभ्रम भर हैं । लेकिन प्रोब्स ने यहाँ पानी के कण और अवशेष पाए हैं और आज माना जाता है कि कभी यहाँ बड़ी मात्रा में जल खंड थे।

आज मानव के भेजे ३ उपग्रह मार्स के आस पास कक्षाओं में हैं और दो सतह पर ।

नाम : मार्स / मंगल ग्रह
रेडियस (त्रिज्या ) : 3396.2 km
मास (द्रव्यमान ):   6.4185x10^23kg
वोल्यूम (आयतन):   1.6318 x 10^11 km^3
डेंसिटी (घनत्व):   3.9335 g/cm^3
ग्रेविटी (गुरुत्वाकर्षण ): 0.38 g
तापमान :  210 K
एक दिन (अपनी धुरी पर घूमने का समय) : 1.02 earth days
एक वर्ष (सूर्य का एक चक्कर पूरा करने का समय) : 686.98 earth days

कक्षा (orbit ) का सेमी मेजर एक्सिस (बड़ा अक्ष) : 1.52 AU
उपग्रह : 2 ( आगे देखिये )

वायुमंडल का कोम्पोजीशन (संरचना ):
     95.32% कार्बोन डाय ऑक्साइड
     2.7% नाइट्रोजन
      1.6% आर्गन
     0.13% ऑक्सीजन
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उपग्रह १ : फोबोस

त्रिज्या : 11   किमी
दिन: 0.31 धरती के दिन
वर्ष: 7.7
अक्ष : ९३७७  किमी
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उपग्रह २ :डीमोस :


त्रिज्या : 6.2 किमी
दिन: 1.26 धरती के दिन
वर्ष: 29.8
अक्ष : 23460  किमी


सोमवार, 15 अप्रैल 2013

सौर मंडल ३ : धरती , चन्द्रमा

सौर मंडल ३ : धरती

धरती - हमारी धरती ।

जैसा किहम सब जानते हैं, धरती सौर मंडल का तीसरा ग्रह है । प्रामाणिक जानकारी के अनुसार यही एकमात्र ग्रह है जहां जल तरल रूप में रह सकता है क्योंकि तापमान इसके लिए उपयुक्त है । वैसे कई वैज्ञानिक दावों और खोजों के अनुसार अन्य ग्रहों पर भी जल के दूसरे रूप है -  लेकिन तरल रूप में जल रहने योग्य तापमान सौर्य मंडल में और किसी ग्रह पर नहीं पाया जाता ।

माना जाता है कि धरती पर जीवन इसी तरल जल के कारण ही संभव हो पाया है ।

१. वैज्ञानिक विचारधारा कहती है कि जल और अन्य तत्वों के संयोजन से धरती पर जीवन प्रकट हुआ
और
२. धार्मिक विचारधारा कहती है कि पहले से जीवन था, लेकिन प्रकट न होकर सुशुप्त अवस्था में था । और वह जीवन सुशुप्त अवस्था में रहते हुए भी निर्जीव तत्त्वों को अपने प्राकट्य के लिए उपयुक्त रूप में आने को प्रेरित करता रहा , ढालता रहा । और इन्हें ढाल-ढाल कर इस जोड़ सामंजस्य तक ले आया कि , तत्त्व इस तरह के जोड़ बनाएं , जिसमे जीवन अपने लक्षण प्रकट कर सके ।

धरती पर atmosphere (वायुमंडल) , hydrosphere (जल मंडल) और lithosphere (ठोस धरामंडल) हैं । इन तीनों का जहां मिलन होता है - वह स्थिति जीवन के प्राकट्य (जन्म नहीं प्राकट्य) के लिए उपयुक्त होती है - इसे biosphere कहते हैं । ऐसी परिस्थितियों में जीवन जीवों के रूप में प्रकट होता है ।

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पृथ्वी / धरती :

नाम : पृथ्वी / धरती
रेडियस (त्रिज्या ) : 6371 km
मास (द्रव्यमान ):   5.97x10^24kg
वोल्यूम (आयतन):   1.08 x 10^12 km^3
डेंसिटी (घनत्व):   5.515 g/cm^3
ग्रेविटी (गुरुत्वाकर्षण ): 1 g
तापमान :  287 K
एक दिन (अपनी धुरी पर घूमने का समय) : 1 earth days
एक वर्ष (सूर्य का एक चक्कर पूरा करने का समय) : 365.25 earth days

कक्षा (orbit ) का सेमी मेजर एक्सिस (बड़ा अक्ष) : 1 AU
उपग्रह : 1 - चन्द्रमा
( आगे देखिये )

वायुमंडल का कोम्पोजीशन (संरचना ):
     78.08% नाइट्रोजन
     20.95% ऑक्सीजन
     1% भाप
     कम मात्राओं में कार्बन दे ऑक्साइड, आर्गन आदि
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धरती का उपग्रह : चन्द्रमा

नाम : चन्द्रमा  / मून / लूना
रेडियस (त्रिज्या ) :  1737.1 km
मास (द्रव्यमान ):   7.35x10^22kg
वोल्यूम (आयतन):   2.1958x10^10km^3
डेंसिटी (घनत्व):   3.3464g/cm^3
ग्रेविटी (गुरुत्वाकर्षण ):  0.16g
तापमान : 220 K
एक दिन (अपनी धुरी पर घूमने का समय) : 27.32 earth days
एक वर्ष (धरती का एक चक्कर पूरा करने का समय) : 27.32 earth days
    (देखिएगा : दिन और वर्ष की अवधि बराबर है )
कक्षा (orbit ) का सेमी मेजर एक्सिस (बड़ा अक्ष) :  384399 km

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सौर मंडल २ मरकरी और वीनस

सौर मंडल २

मरकरी और वीनस (इस श्रंखला में मैं अंग्रेजी नामों का ही प्रयोग कर रही हूँ )

सौर मंडल के भीतरी ग्रह हैं : मरकरी और वीनस । "भीतरी" इसलिए कि इनकी कक्षाएं (ऑर्बिट) सूर्य और धरती की कक्षा के बीच हैं, अर्थात ये दोनों हमारे मुकाबले में सौर मंडल में भीतर की तरफ पड़ते हैं ।

ये दोनों ही अत्यधिक गर्म ग्रह हैं । सूर्य के पास होने के कारण आमतौर पर मन में आता है की मरकरी सबसे गर्म ग्रह होगा - लेकिन ऐसा है नहीं । वीनस मरकरी की अपेक्षा सूर्य से दूर होते हुए भी इससे कहीं अधिक गर्म है (नीचे तापमान देख सकते हैं आप इन दोनों के)  । ऐसा क्यों ?

क्योंकि, वीनस के वायु मंडल में कार्बन डाय ऑक्साइड अधिक है - जो "ग्रीन हाउस गैस" है और गर्मी को जकड लेती है, बाहर जाने ही नहीं देती  । (कुछ याद आता है ? धरती के पर्यावरण विद लगातार बढ़ते प्रदूषण और इस कार्बन डाय ऑक्साइड के कारण ग्लोबल वार्मिंग और ध्रुवीय हिमखंडों के पिघलने की चेतावनियाँ दे रहे हैं - यदि हम न संभाले तो ?)
आइये इन दोनों के बारे में जानें :

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मरकरी :


नाम : मरकरी
रेडियस (त्रिज्या ) : 2439.7 km
मास (द्रव्यमान ):  3.3 x 10^23 kg
वोल्यूम (आयतन):  6.08 x 10^10 km^3
डेंसिटी (घनत्व):  5.457 g/cm^3
ग्रेविटी (गुरुत्वाकर्षण ): 0.38 g
तापमान :  340 K = 67 डिग्री सेंटीग्रेड या सेल्सियस
                           (केल्विन तापमान = सेल्सियस तापमान + २७३ )
एक दिन (अपनी धुरी पर घूमने का समय) : 58.64 earth days
एक वर्ष (सूर्य का एक चक्कर पूरा करने का समय) : 87.96 earth days


कक्षा (orbit ) का सेमी मेजर एक्सिस (बड़ा अक्ष) : 0.38 AU
उपग्रह : कोई उपग्रह नहीं 

वायुमंडल का कोम्पोजीशन (संरचना ):
     42% oxygen
     29% sodium
     22% hydrogen
     6% helium
     0.5% potassium
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वीनस :

नाम : वीनस
रेडियस (त्रिज्या ) :  6051.8 km
मास (द्रव्यमान ):   4.8685 x 10^24 kg
वोल्यूम (आयतन):   9.28x10^11 km^3
डेंसिटी (घनत्व):   5.243 g/cm^3
ग्रेविटी (गुरुत्वाकर्षण ): 0.91 g
तापमान :   735 K  

एक दिन (अपनी धुरी पर घूमने का समय) : (-) 243.01 earth days
एक वर्ष (सूर्य का एक चक्कर पूरा करने का समय) : 224.70 earth days
कक्षा (orbit) का सेमी मेजर एक्सिस (बड़ा अक्ष) : 0.72 AU
उपग्रह : कोई उपग्रह नहीं
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वायुमंडल का कोम्पोजीशन (संरचना ):
         96.5% carbon di oxide 
         3.5% nitrogen

         बहुत कम मात्रा में सल्फर डाय ऑक्साइड ,पानी की भाप, आर्गन , हीलियम , नियोन । 

रविवार, 14 अप्रैल 2013

सौर मंडल १



अनुवाद आभार श्री गिरिजेश राव जी ।

जैसा कि हम सब जानते ही हैं, हम जिस धरती पर जी रहे हैं वह सौर मंडल का एक ग्रह है । आइये इस सौर  मंडल के सदस्यों को एक एक कर के जानें ।

परिवार का मुखिया कौन ? जो सबकी आवश्यकताओं की आपूर्ति करे, सब को एक अदृश्य आकर्षण से बाँध कर रखे फिर भी खुला भी छोड़े रहे ।  आकर्षण ऐसा कि बिना डोर के भी सभी सदस्य एक दूजे के साथ रहे । कुछ बच्चे अकेले हों तो कुछ के अपने कुनबे भी हों जो उनके साथ रहते हुए बड़े परिवार के भी सदस्य हों ।

इस परिभाषा के अनुसार सूर्य जी हमारे सौर्य मंडल के परिवार का मुखिया अवश्य ही कहला सकते हैं - नहीं ?

आइये आज इनसे परिचित हों ।

नाम : सोल
रेडियस (त्रिज्या ) : 696342 km
मास (द्रव्यमान ): 1.983x10^30 kg
वोल्यूम (आयतन): 1.412x10^18 km^3
डेंसिटी (घनत्व): 1.408x10^3 kg/m^3
ग्रेविटी (गुरुत्वाकर्षण ): 27.94 g
तापमान : 5778 K
उम्र : ४.५७ बिलियन वर्ष
कोम्पोजीशन (संरचना ):
     73% हायड्रोजन
     24% हीलियम
     0.77% ऑक्सीजन
     और इनसे कम मात्रा में कुछ कार्बन, आयरन, नियोन, नाइट्रोजन, सिलिकॉन, मैग्नीशियम , सल्फर ।
ग्रह : ९ (अब आठ)
एस्टेरोइड बेल्ट में दो बड़े पिंड जिनके नाम कम ही लोग जानते हैं : वेस्ता और सेरेस

कल मरकरी पर बात करूंगी ।

बुधवार, 10 अप्रैल 2013

हैरी पॉटर, सिरियस, और खगोल विज्ञानं


हैरी पॉटर की कहानी अधिकाँश लोग जानते ही होंगे। या तो किताबों से या फिल्मों से। यह बेसिकली बच्चों को सुनाई जाने वाली जादू से भरी अनोखी दुनिया की कहानी के रूप में आरम्भ हुई। लेकिन जब छपी , तो बिक्री के इतने रेकोर्ड टूटे कि रातों रात लेखिका सर्वाधिक धनि लोगों में शुमार हो गयीं।

दुसरे भाग तक आते आते लेखिका स्ट्रगलर न थीं। यहाँ आते आते "रिसर्च" की झलक किताब को पहले भाग की रोचकता बनाए रखते हुए भी इस श्रंखला को  किसी और स्तर पर ले जाती है। ...... आखिरी भाग आने तक तो शायद इस कहानी को बच्चों की कहानी में गिना ही नहीं जा सकता - यह तो सीधे सीधे होलीवूड फिल्म की पटकथा सी हो जाती है  । 

इसका बैकग्राउंड पहले ही बनता है जब हेड मास्टर हैरी के अंकल से कहते हैं कि हमारी दुनिया में १७ वर्ष की आयु ही "एडल्ट" है - जिसका कारण कहानी नहीं - बच्चों की कहानी तो बिलकुल ही नहीं । इसका असल कारण है कि तब तक यह फिल्म रूप में आ चुकी थी और अच्छी खासी कमाई कर रही थी - और असल जीवन में फिल्म बन्ने और कथा के समय मिसमैच के चलते वे व्बच्चे जो 12 साल की उम्र से हैरी , रोंन , हरमायनी और अन्य मित्र थे - वे असल जीवन में एडल्ट हो ही चुके थे । कथानक में बच्चों वाला कुछ रहा ही नहीं था अब तक - जबकि पहला भाग पूरी तरह बच्चों के लिए लिखी परी-कथा सा था । 
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लेकिन यह पोस्ट मैं हैरी पॉटर सीरीज पर नही लिख रही। यह पोस्ट है कथानक के चरित्रों के नाम और स्वभाव और खगोल विज्ञान के सम्बन्ध पर।

तीसरे भाग में हैरी के पिता के मित्र सिरियस की कहानी आती है। उसका चरित्र पूरी तरह सिरियस नामक तारे जैसा ही है।

सिरियस धरती से दिखने वाला रात के आसमान का सबसे चमकदार सितारा है। यह canis constellation का हिस्सा है (श्वान के आकार का constellation) । यदि आपने कहानी पढ़ी या सुनी या देखी है तो शायद आपको याद हो। जादू के विद्यालय में सिरियस सबसे चमकदार था। उसका patronus भी कुत्ते के आकार का है और वह जादू से अपने आप को कुत्ते में बदल सकता है।

इसी तरह बेल्लाट्रिक्स सबसे असंतुलित चरित्र है कहानी का। वह पागल सी है और बहुत लडाकी है। लार्ड वोल्डेमोर्ट की ही तरह उसे ह्त्या और टार्चर में मजा आता है। आसमान के सितारे बेल्लात्रिक्स के बारे में यही अवधारणा है। इस नाम का अर्थ है "lady warrior"। ( कहानी में भी तीन चार जगह बेल्लाट्रिक्स से नीली आभा / उसके बालों की नीली आभा की बात होती है । ) यह तारा सूर्य से कई गुना गर्म और असंतुलित है (कहानी की बेल्लाट्रिक्स की ही तरह) । इसकी सतह की अत्यधिक गर्मी इसकी नीली आभा का कारण है। वैज्ञानिक मानते हैं कि यह सितारा अपने जीवन के अंत पर है। लेकिन यह इतना भार नही रखता कि सुपरनोवा एक्सप्लोजन हो। (कहानी के अंत में बेल्लाट्रिक्स की मृत्यु भी बिना किसी एक्सप्लोजन के होती है )।

ऐसे और भी नाम हैं इस कहानी में। रेगुलस एक है। फिर कभी इन नामों की बात करूंगी।