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रेत के महल
बुधवार, 30 सितंबर 2026
श्रीराम नामकरण संस्कार | Ramcharitmanas Balkand 196 to 198 |
रविवार, 27 सितंबर 2026
सुनि सिसु रुदन परम प्रिय बानी | Ramcharitmanas Balkand (192-195) | श्रीराम जन्मोत्सव 🕉️
🕉️ श्रीराम जन्मोत्सव 🕉️
सुनि सिसु रुदन परम प्रिय बानी |
श्रीरामचरितमानस: बालकाण्ड (दोहा 192 से 195)
बिप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार ,
निज इच्छा निर्मित तनु माया गुन गो पार .
सुनि सिसु रुदन परम प्रिय बानी , संभ्रम चलि आईिं सब रानी .
हरषित जहाँ तहूँ धाईिं दासी , आनंद मगन सकल पुरबासी .
दसरथ पुत्रजन्म सुनि काना , मानहुँ ब्रह्मानंद समाना .
परम प्रेम मन पुलक सरीरा , चाहत उठनि करत मति धीरा .
जाकर नाम सुनत सुभ होई , मोरें गृह आवा प्रभु सोई .
परमानंद पूरि मन राजा , कहा बोलाइ बजावहु बाजा .
गुरु बसिष्ठ कहूँ गयउ हँकारा , आए द्विजन्ह सहित नृपद्वारा .
अनुपम बालक देखेन्हि जाई , रूप रासि गुन कहि न सिराई .
नंदीमुख सराद्ध करि जातकर्म सब कीन्ह ,
हाटक धेनु बसन मनि नृप बिप्रन्ह कहूँ दीन्ह .
ध्वज पताक तोरन पुर छावा , कहि न जाइ जेहि भाँति बनावा .
सुमनबृष्टि अकास तें होई , ब्रह्मानंद मगन सब लोई .
बृंद बृंद मिलि चलीं लोगाईिं , सहज सिंगार किएूँ उठि धाईिं .
कनक कलस मंगल भरि थारा , गावत पैठहिं भूप दुआरा .
करि आरति नेवछावरि करहीं , बार बार सिसु चरनन्हि परहीं .
मागध सूत बंदीगन गायक , पावन गुन गावहिं रघुनायक .
सर्बस दान दीन्ह सब काहू , जेहिं पावा राखा नहिं ताहू .
मृगमद चंदन कुंकुम कीचा , मची सकल बीथिन्ह बिच बीचा .
गृह गृह बाज बधाई सुभ प्रगटे सुषमा कंद ,
हरषित सब जहाँ तहूँ नगर नारि नर बृंद .
कैकेयी सुमित्रा दोऊ , सुंदर सुत जनमत भईिं ओऊ .
वह सुख संपति समय समाजा , कहि न सकइ सारद अहिराजा .
अवधपुरी सोहइ एहि भाँती , प्रभुहि मिलन आई जनु राती .
देखि भानु जनु मन सकुचानी , तदपि बनी संध्या अनुमानी .
अगर धूप बहु जनु अँधिआरी , उड़इ अबीर मनहुँ अरुनारी .
मंदिर मनि समूह जनु तारा , नृप गृह कलस सो इंदु उदारा .
भवन बेदधुनि अति मृदु बानी , जनु खग मुखर समयूँ जनु सानी .
कौतुक देखि पतंग भुलाना , एक मास तेइिं जात न जाना .
मास दिवस कर दिवस भा मरम न जानइ कोइ ,
रथ समेत रबि थाकेउ निसा कवन बिधि होई .
बुधवार, 23 सितंबर 2026
Ramcharitmanas Stuti Song - Balkand 35.191कौशल्या स्तुति 🕉️भए प्रगट कृपाला दीनदयाला | श्री राम जन्मोत्सव स्तुति | रामचरितमानस छंद 🕉️
Ramcharitmanas Stuti Song - Balkand 35.191कौशल्या स्तुति
🕉️भए प्रगट कृपाला दीनदयाला | श्री राम जन्मोत्सव स्तुति | रामचरितमानस छंद 🕉️
श्री रामचरितमानस में अनेक स्तुतियाँ हैं। यह स्तुति भी बालकांड में ही आती है।
श्री राम जी का बालक रूप में जन्म नहीं हुआ था, वे अपने चतुर्भुज नारायण स्वरूप मेँ माता कौशल्या के सम्मुख प्रकट हुए। कौशल्या जी ने पूर्व जन्मों मेँ नारायण के दर्शनों के लिए तपस्या की थी और उन्हे पुत्र रूप में प्राप्त करने का वरदान मांग लिया था।
इस अवतार में श्री राम बालक रूप मे प्रकट न होकर अपने चतुर्भुज रूप मेँ कौशल्या जी के आगे प्रकटे, तब कौशल्या माँ ने प्रार्थना की कि आप तो स्तुति योग्य हैं किन्तु मैंने तो पुत्र रूप मेँ मांगा था, कृपया बालक रूप हो जाइए। तब श्री राम एक बालक के रूप मेँ परिवर्तित हुए और बालक की ही तरह रुदन करने लगे।
यह प्रकरण गोस्वामी तुलसीदास जी ने बहुत सुंदरता से बालकांड मेँ गाया है।
"भए प्रकट कृपाला" उसी प्रकरण को गीत रूप मे प्रस्तुत करने का प्रयास है ।
यह विडिओ यूट्यूब पर हैं और मानस जी के दोहों और छंदों को ही एक गीत के रूप मेँ ढाला गया है । आशा है आप लोगों को पसंद आएगा ।
गुरुवार, 17 सितंबर 2026
Ramcharitmanas Stuti Song - Balkand 35.185
श्री राम चरित मानस बाल कांड 35.185
शनिवार, 28 मार्च 2026
ज़िंदगी अधूरी तेरे बिन - भाग चौंतीस (34) समापन अंक
ज़िंदगी अधूरी तेरे बिन - भाग चौंतीस (34)
समापन अंक
भाग 34
प्रियंका